✒ Alikhit
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अलिखित

जो कहा नहीं गया, वही शायद सबसे ज़्यादा महसूस हुआ।

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चुनी हुई शायरी

इस एक जीवन के मुकद्दर में

न मैं पुनर्जन्म में विश्वास करता हूँ, न सात जन्मों की कल्पना में। मैं तो केवल विज्ञान को मानने वाला व्यक्ति हूँ, इसलिए यदि मैंने तुम्हें आज खो दिया, तो मेरे लिए इसका अर्थ है—तुम्हें अनंत काल के लिए खो देना। क्योंकि न कोई पुनर्जन्म होगा, न कोई दूसरा ब्रह्मांड मिलेगा, न कोई दूसरा जीवन होगा... और न ही तुम फिर कभी मिलोगी। पर सुनो... इस अनिश्चित और नश्वर संसार में, जहाँ सब कुछ एक दिन मिट जाना है, मैं अपने जीवन की सारी उपलब्धियाँ जोड़ भी लूँ, तो तुम्हारा प्रेम पाना ही मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। इस एक ही जीवन के मुकद्दर में, तुम मेरा विज्ञान भी हो, और मेरा एकमात्र चमत्कार भी।
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